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सफलता का श्रेय दूसरों को दें
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद् जयपुर द्वारा जयपुर शहर स्थित मिलाप भवन में मुनि तत्त्वरूचि जी 'तरूण' के सान्निध्य में व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 'हर हाल में रहें खुशहाल' विषय पर वक्तव्य देते हुए डॉ. मुनि अभिजीत कुमार जी ने कहा कि जो वर्तमान में जीता है, वही वर्धमान को प्राप्त करता है। प्रसन्नता सफलता की पहली शर्त है। उन्होंने बताया कि प्रसन्नता दूसरों की भूलों को भूलने से प्राप्त होती है, और जो परिस्थितियों से हतोत्साहित या उदास नहीं होता, वही वास्तविक खुशहाली को प्राप्त करता है।
मुनि जागृत कुमार जी ने कहा कि सफलता का श्रेय दूसरों को दें और विफलता की जिम्मेदारी स्वयं लें। यह व्यवहार वास्तविक खुशहाली का आधार बन सकता है। मुनि तत्त्वरूचि जी 'तरूण' ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में कषायों के अल्पीकरण से समस्याओं का समाधान होता है। इस अवसर पर उन्होंने आचार्य महाश्रमण जी द्वारा प्रदत्त संदेश का वाचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुनि संभव कुमार जी ने भक्ति गीत प्रस्तुत किया। इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं सहित ज्ञानशाला के ज्ञानार्थी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रबुद्ध विचारक राजकुमार बड़ड़िया, मर्यादा कोठारी, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष शांतिलाल गोलछा, अणुविभा जयपुर केंद्र के अध्यक्ष पन्नालाल बैद, राजेंद्र सेठिया, तेयुप जयपुर अध्यक्ष गौतम बड़ड़िया, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य सहित श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।