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आध्यात्मिक मिलन समारोह में दिखा हर्षोल्लास
बहुश्रुत परिषद के सम्मानित सदस्य, दिल्ली की ओर विहाररत मुनि उदितकुमार जी ठाणा 3 एवं बालोतरा की ओर विहाररत साध्वी अणिमाश्री जी ठाणा-5 का आध्यात्मिक मिलन अजमेर रोड पर हुआ। चार तीर्थ के मिलन के साक्षी बने जयपुर, दिल्ली, अजमेर व ब्यावर के भाई-बहन इस नयनाभिराम दृश्य को देखकर हर्ष विभोर हो गए। मुनि उदितकुमार जी ने अपने उद्बोधन में कहा- हमारा धर्म संघ परिवार है। इस परिवार के अंतरंग सदस्य जब एक दूसरे से मिलते हैं तो उनके हृदय कमल ही नहीं खिलते बल्कि आसपास के परिवेश में भी बहार आ जाती है। आज विहार करते हुए हमारा साध्वी अणिमाश्रीजी आदि साध्वी वृंद से मिलना हुआ है।
साध्वी अणिमाश्री जी मेरी संसारपक्षीय नानीसा लगते हैं। नानीजी महाराज से मिलकर मन प्रफुल्लित एवं प्रमुदित है। साध्वीश्री उम्र से ज्येष्ठ, दीक्षा पर्याय से ज्येष्ठ एवं ज्ञानवृद्ध एवं अनुभववृद्ध हैं। ये धर्मसंघ की अतिशय प्रभावना करने वाली साध्वी हैं। श्रद्धेय मंत्री मुनिवर फरमाते थे कि हमारे धर्मसंघ की कुछ साध्वियां संतों से कम नहीं बल्कि समकक्ष या आगे भी कही जा सकती है। मुझे लगता है उन कुछ साध्वियों में एक नाम साध्वी अणिमाश्रीजी का लिया जा सकता है। साध्वीश्री की प्रवचन शैली बेजोड़ एवं विशिष्ट है। आप जहाँ भी पधारती हैं अपनी प्रवचन शैली से अपना सिक्का जमा लेती हैं। इन्होंने केन्द्र में भी अपनी विशष्ट पहचान एवं छवि बनाई है। क्षेत्र को परोटने की कला में निष्णात है। हम यही मंगलकामना करते हैं कि आप और हम सब धर्मसंघ की गौरववृद्धि करते रहें।
मुनिश्री ने कहा– हम शासन-माली की पावन सन्निधि से ऊर्जा लेकर आए हैं। पूज्यवर ने सभी से सुखपृच्छा की है। हमने देखा आचार्यवर की पुण्याई अहर्निश बढ़ती जा रही है। पूज्यवर का हर चातुर्मास संघ में कीर्तिमान गढ़ रहा है। साध्वी अणिमाश्रीजी ने कहा आज बर्हिविहार में पहली बार बहुश्रुत मुनिवर मेरे दोहिते महाराज के दर्शन हुए हैं। मुनिश्री सौभाग्यशाली हैं जिन्हें पूज्यप्रवर के सह-दीक्षित होने का प्राप्त है। मुनिश्री को वर्षों तक मंत्री मुनिवर की प्रेरक सन्निधि प्राप्त हुई है। मंत्री मुनिवर से ज्ञान मणियों को बटोरकर अपने ज्ञानकोश को समृद्ध किया है। आपका प्रबंधन कौशल बेजोड़ है। पूज्यप्रवर के सूरत चातुर्मास की पूर्व भूमिका में आपश्री का सराहनीय श्रम रहा है। जन-जन की जुबां से हमने आपके नाम को सुना है। आपने अनेक श्रावक कार्यकर्ता तैयार किए हैं। अनेकों युवकों को धर्मसंघ से जोड़कर धर्मसंघ की सेवा में योजित किया है। अब आपश्री का दिल्ली चातुर्मास है एवं पूज्यवर का दिल्ली चातुर्मास घोषित है। आपश्री की प्रेरणा से दिल्ली में अच्छी जागृति आए एवं पूज्यप्रवर का दिल्ली का चातुर्मास सिद्ध चातुर्मास हो यह मंगलकामना करते हैं। साध्वीवृन्द ने गीत के माध्यम से अपनी भावनाएं संप्रेषित की।