
रचनाएं
महिमा हम मिल गाते हैं
साध्वी प्रमुखा श्री कनकप्रभा की महिमा हम मिल गाते हैं
शासनमाता-4
कोलकाता में जन्म लिया, अलबेली थी वो कला,
मां की लाडली थी, मेधावी थी वो कला।
केलवा की पुण्य धरा संयम स्वीकार किया,
तुलसी कर से दीक्षा, जीवन को धन्य किया।
करुणा की मूरत साध्वीप्रमुखा की महिमा हम मिल गाते हैं।।
अद्भुत व्यक्तित्व तेरा, विलक्षण रचनाएं,
अद्भूत कर्तृत्व तेरा विलक्षण क्षमताएं।
छोटी वय में तुम पर गुरु ने विश्वास किया,
गुरु कृपा को पाकर जीवन भर काम किया।
कुशल नेतृत्व साध्वीप्रमुखा की महिमा हम मिल गाते हैं।।
यह पुण्यतिथि अवसर शासन मां आओ ना,
हर भक्त पुकार रहा अब दर्श दिखाओ ना।
दिल्ली महरौली में अन्तिम था स्वास लिया,
गुरु चरणों में तुमने अन्तिम प्रस्थान किया।
वात्सल्य पीठ शासन मां की महिमा हम मिल गाते हैं।।