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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विविध आयोजन
अभातेममं के निर्देशानुसार तेरापंथ सभा भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ‘शासनश्री’ साध्वी सुप्रभाजी एवं साध्वी प्रमिलाकुमारीजी के सान्निध्य में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र से हुई। तत्पश्चात महिला मंडल की बहनों द्वारा प्रेरणा गीत का संघान किया गया। महिला मंडल अध्यक्ष राजकुमारी भूतोड़िया द्वारा आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। एडवोकेट जयश्री कुंडलिया भंसाली ने अपने विचार एक सुंदर कविता के माध्यम से व्यक्त किए। मारवाड़ी भाषा के उत्कृष्ट कवि डॉ. घनश्याम कच्छावा ने महिला दिवस के उपलक्ष में अपने विचारों को साझा किया। साध्वी मनीषाश्री जी ने महिला को परिभाषित करते हुए कहा - म- ममता, ह- हिम्मत, और ल - लज्जा का प्रतीक है। कांता दफ्तरी ने कहा कि यह आचार्य श्री तुलसी का सपना था कि महिला सशक्त बने। डॉक्टर साधना जोशी प्रधान ने स्वरचित कविता के माध्यम से नारी के विभिन्न रूपों का उल्लेख किया। ‘शासनश्री’ साध्वी सुप्रभा जी ने आशीर्वचन प्रदान किया। साध्वी प्रमिलाकुमारी जी ने स्वार्थी, परार्थी और परमार्थी चेतना को समझाते हुए नारी की शक्ति का उल्लेख किया और उन्होंने बताया कि नारी करुणा, अनुकंपा, सहनशीलता की प्रतिमूर्ति है। अभिनंदन पत्र महिला मंडल कोषाध्यक्ष सज्जन देवी बोकडिया द्वारा पढ़ा गया। महिला मंडल परामर्शक विजया रामपुरिया और कमलेश सिंघी द्वारा डॉक्टर साधना जोशी प्रधान का सम्मान किया गया। महिला मंडल की टीम द्वारा उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। केसरी चंद मालू द्वारा डॉ. घनश्याम कच्छावा और उपाध्यक्ष सरिता पींचा/ मधु भूतोडिया द्वारा एडवोकेट जयश्री कुंडलिया भंसाली का सम्मान किया गया। आभार ज्ञापन रेखा राखेचा द्वारा किया गया। कुशल संयोजन महिला मंडल मंत्री डॉ पूजा फूलफगर द्वारा किया गया।