समणी वृंद का हुआ पदार्पण

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रायपुर।

समणी वृंद का हुआ पदार्पण

रायपुर। आचार्य श्री महाश्रमण जी ने महत्ती कृपा कर समणी निर्देशिका कमल प्रज्ञा जी, समणी करुणा प्रज्ञा जी, समणी सुमन प्रज्ञा जी का समणी उपकेंद्र रायपुर फरमाया था। तदनुसार समणी वृंद का धर्म की गंगा प्रवाहमान करने हेतु रायपुर पधारना हुआ। समणी वृंद के आगमन के उपलक्ष्य में रायपुर तेरापंथ धर्म संघ द्वारा समणी वृंद का स्वागत समारोह तेरापंथ अमोलक भवन में आयोजित किया गया। मंगलाचरण तेरापंथ महिला मंडल द्वारा किया गया। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के साथ ही सभी संघीय संस्थाओं के पदाधिकारियों ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किए। समणी सुमन प्रज्ञा जी ने सुमधुर गीतिका का संगान किया। समणी करुणा प्रज्ञा जी ने कहा कि हमें दर्पण में स्वयं को देखना चाहिए जिससे मैं अर्थात् अहम की भावना का नाश होगा। समणी निर्देशिका कमल प्रज्ञा जी ने सुमधुर गीतिका के माध्यम से आचार्य श्री की महिमा का गुणगान किया। समणी जी ने कहा कि धर्म हमें जीवन जीने की आध्यात्मिक शैली सिखाता है, जिसके अनुसरण से हम अपनी आत्मा का कल्याण कर सकते हैं।