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युग की लगाम को अपने हाथों में थामने वाला है युवा
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद्, बेंगलुरु द्वारा 'युवा शक्ति–संघ भक्ति' विषय पर बेंगलुरु स्तरीय व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन साध्वी संयमलताजी के सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी संयमलताजी के मंगल मंत्रोच्चार से हुआ। तत्पश्चात् प्रज्ञा संगीत सुधा एवं सभी परिषदों द्वारा विजय गीत का संगान किया गया। साध्वीसंयमलता जी ने अपने प्रवचन में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा— देश, समाज, संगठन या संस्था का भविष्य युवा हैं। युवा जोश, ऊर्जा और शक्ति का जीता-जागता उदाहरण होते हैं। युवा दुनिया की तकदीर बदल सकते हैं। नए स्वर, नई उमंग, नए अरमान और नई मंजिलें तय कर सकते हैं। युवा संयम और अनुशासन का पर्याय है। तेरापंथ धर्म संघ में आचार्यों के प्रति भक्ति युवाओं की शक्ति को सहस्र-गुणित कर देती है। जब युवा शक्ति भक्ति से सरोकार रखती है, तो वह अपनी शक्ति का सही नियोजन कर सकती है। साध्वी श्री ने प्रेरणा देते हुए आगे कहा— 'युवा, जो इस युग की लगाम अपने हाथों में थामे हुए हैं, उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि वेज और नॉनवेज होटलों में जाने से बचें और नशामुक्त जीवन जीने का प्रयास करें।' कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए साध्वी मार्दवश्रीजी ने कहा कि युवा उत्साह, साहस और क्रांति का प्रतीक हैं। संघ और संघपति की भक्ति युवाओं की शक्ति का सही मार्गदर्शन करती है।
साध्वी श्री ने अनेक युवाओं के भक्ति से जुड़े संस्मरणों एवं घटनाओं का उल्लेख किया। इस अवसर पर अभातेयुप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन मांडोत ने वर्तमान के युवाओं की भक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। अभातेयुप के पूर्व अध्यक्ष विमल कटारिया ने कहा— इस क्रांतिकारी संघ में युवा न केवल शक्तिशाली हैं, बल्कि भक्ति से भी संपन्न हैं, जो संघ को तेजस्वी एवं यशस्वी बना रहे हैं।
प्रबुद्ध विचारक दिनेश पोखरणा ने कहा— शक्ति और भक्ति का संयोग युवा को शिखर तक पहुंचा सकता है। पारमार्थिक शिक्षण संस्था के अध्यक्ष बजरंग जैन ने कहा— यदि युवा में भक्ति आ जाए, तो उसकी शक्ति उर्वरा हो जाती है और उसे सही दिशा मिल जाती है। शाखा प्रभारी अमित दक ने तेरापंथ युवक परिषद् के कार्यों की सराहना की और युवाओं को समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के अंत में परिषद् अध्यक्ष विमल धारीवाल ने सभी आगंतुकों, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रायोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस आयोजन की सफलता का श्रेय सभी उपस्थित सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं को दिया। इस कार्यशाला के आयोजन में सुधीर पोकरना का विशेष श्रम नियोजित हुआ। कार्यशाला के प्रायोजक गौतमचंद, विनोद कुमार मुथा परिवार का परिषद् द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बेंगलुरु की विभिन्न शाखाओं— विजयनगर, राजाजी नगर, HBST हनुमंतनगर, राजराजेश्वरी नगर, टी. दासरहल्ली एवं यशवंतपुर से आए परिषद् पदाधिकारियों और सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर सभा अध्यक्ष पारसमल भंसाली, मंत्री विनोद छाजेड़ एवं बेंगलुरु की परिषदों के अध्यक्ष, पदाधिकारी, अभातेयुप परिवार और सदस्य एवं श्रावक-श्राविका उपस्थित थे।