“शासनश्री” मुनि मणिलाल जी की स्मृति सभा का आयोजन

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जयपुर।

“शासनश्री” मुनि मणिलाल जी की स्मृति सभा का आयोजन

भिक्षु समाधि स्थल सिरियारी (पाली) में स्थिरवासी और आचार्य महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती संत ‘शासनश्री’ मुनि मणिलाल जी के जयपुर में देवलोक गमन हो जाने पर भिक्षु साधना केंद्र, श्याम नगर में स्मृति सभा रखी गयी। जिसमें मुनि तत्त्वरुचि जी "तरुण" ने कहा - धर्म, आध्यात्मिक और मानवता की सेवा में समर्पित व्यक्ति समाज और राष्ट्र का गौरव होता है। जैन मुनि जीवन भर आत्माराधना करते हुए स्व कल्याण के साथ पर कल्याण में लगे रहते हैं। ‘शासनश्री’ मुनि मणिलाल जी ने लंबा संन्यास जीवन पाया। उसमें उन्होंने अपनी आत्मसाधना के साथ-साथ जनोपकार भी किया।
ऐसे परोपकारी संत को श्रद्धापूर्वक नमन कर आभार ज्ञापन करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। इस अवसर पर मुनि संभव कुमार जी ने स्वर्गीय शासन श्री संत मणिलाल जी स्वामी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा - जिस देश में अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह की साधना करने वाले त्यागी पुरुष होते हैं वह राष्ट्र सचमुच सौभाग्यशाली होता है। सेवाभावी मुनि अतुल कुमार जी ने कहा - साधक का मुख्य लक्ष्य आत्म साक्षात्कार है। शासनश्री मुनि मणिलाल जी एक आत्मार्थी संत थे। वे आध्यात्मिकता के साथ-साथ व्यवहार कुशल भी थे। इस मौके पर तेरापंथ सभा अध्यक्ष शांतिलाल गोलछा, राजकुमार बरड़िया, ओमप्रकाश जैन, सिरियारी संस्थान के मंत्री मर्यादा कोठारी, कनक दुगड़ (संसारपक्षीय पौत्र वधू) ने श्रद्धांजलि स्वरूप अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने लोगस्स का ध्यान कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का कुशल संचालन सुशीला नखत ने किया।