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संस्कार निर्माण कार्यशाला का आयोजन
साध्वी पुण्ययशा जी के सान्निध्य में ज्ञानशाला के बच्चों का संस्कार निर्माण शिविर का आयोजन राजराजेश्वरी नगर तेरापंथ सभा द्वारा आयोजित किया गया। शिविर का प्रारंभ साध्वीश्री द्वारा नमस्कार महामंत्र से हुआ। ज्ञानशाला प्रशिक्षिका बहनों द्वारा मंगलाचरण किया गया।
तेरापंथ सभा के अध्यक्ष राकेश छाजेड़ ने आगंतुक सभी का स्वागत करते हुए प्रशिक्षिका बहनों के श्रम की सराहना की। भिक्षु त्रिशताब्दी वर्ष के अवसर पर बच्चों द्वारा गीतिका एवं स्वामीजी के प्रेरक प्रसंग पर नाटक प्रस्तुत किए गए। साध्वी पुण्ययशाजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री तुलसी ने ज्ञानशाला का केवल बीज ही नहीं बोया इसे प्रतिष्ठित भी किया था। वर्तमान में आचार्यश्री महाश्रमणजी भी ज्ञानशाला के प्रति उतने ही जागरूक है। ज्ञानशाला के माध्यम से बच्चे केवल जैन विद्या का ज्ञान ही नहीं करते अपितु जैन संस्कारों को सीखते हुए अपने जीवन को आदर्श बनाते हैं।
प्रेक्षा प्रशिक्षक हेमराज सेठिया द्वारा बच्चों को योग का प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं, धार्मिक हाउजी आदि साध्वी श्री एवं प्रशिक्षिका बहनों द्वारा कराए गए। गांधीनगर सभा के मंत्री विनोद छाजेड़, ज्ञानशाला के कर्नाटक आंचलिक संयोजक माणक संचेती, बेंगलुरु क्षेत्रीय प्रभारी नीता गादिया, Zone संयोजिका पवन संचेती, बेंगलोर टीपीएफ वेस्ट के अध्यक्ष ललित बैंगानी ने भाव व्यक्त किये। आरआर नगर ज्ञानशाला के प्रभारी सुशील भंसाली का शिविर आयोजन में पूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन संयोजिका नीतू बाफना ने व आभार प्रिया छाजेड़ ने किया। सभी प्रशिक्षिका बहनों का पूर्ण सहयोग रहा। सांयकालीन कार्यक्रम में तेरापंथ प्रबोध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें छह ग्रुप के माध्यम से 19 जनों ने अपनी सहभागिता दर्ज की।
साध्वी बोधिप्रभा जी ने बहुत ही रोचक एवं सरल तरीके से प्रतियोगिता करवाई। साध्वी पुण्ययशाजी ने अपने उद्बोधन में कहा भिक्षु त्रिशताब्दी वर्ष में तेरापंथ प्रबोध सबको कंठस्थ होना चाहिए। प्रतियोगिता विकास का द्वार खोलती है और इससे सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है। हेमराज ग्रुप प्रथम, अजबू ग्रुप द्वितीय व तृतीय स्थान पर फतेहचंद ग्रुप रहा।