अणुव्रत चेतना दिवस का आयोजन

संस्थाएं

सुजानगढ़।

अणुव्रत चेतना दिवस का आयोजन

“शासनश्री” साध्वी सुप्रभाजी के सान्निध्य में आचार्य श्री तुलसी का 112वां जन्मोत्सव अणुव्रत चेतना दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ नमस्कार महामंत्र से हुआ व मंगलाचरण महिला मंडल अध्यक्षा राजकुमारी भूतोडिया एवं शोभा देवी सेठिया ने तुलसी अष्टकम से किया। केसरी चंद मालू ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी। महिला मंडल की बहनों द्वारा सामूहिक गीतिका का संगान किया गया। तेरापंथ सभा के भूतपूर्व मंत्री तरुण सेठिया ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी। इसी श्रृंखला में हेमराज राखेचा ने गीतिका प्रस्तुत की। साध्वी मनीषाश्री जी ने बताया महापुरुषों का जीवन हमेशा जीवंत रहता है।
आचार्य श्री तुलसी का जीवन सूर्य की तरह चमका और चांद सी शीतलता रही। आज का दिन कार्तिक शुक्ला दूज अणुव्रत चेतना दिवस के रूप में मानते हैं। साध्वी मुकुल यशाजी जी ने सुमधुर गीतिका का संगान किया। “शासनश्री” साध्वी श्री सुप्रभाजी ने बताया की जन्म से ही कोई व्यक्ति बड़ा नहीं होता पर जन्म के समय कुछ लक्षणों से पता चल जाता है कि यह कोई महान् बालक है, कहते हैं उनके जन्म के समय आंगन में कुमकुम के पगलिए बन गए। 11 वर्ष की छोटी वय में ही दीक्षा ले ली थी एवं 22 वर्ष की लघुवय में आचार्य पद स्वीकार किया। कार्यक्रम में भाई-बहनों की अच्छी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम सफल संचालन साध्वी पल्लव प्रभा जी ने किया।