प्रेरणा एवं प्रगति कार्यशाला का आयोजन

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यशवंतपुर।

प्रेरणा एवं प्रगति कार्यशाला का आयोजन

साध्वी सोमयशा जी के सान्निध्य में तेरापंथ कन्या मंडल यशवंतपुर ने कार्यशाला का आयोजन किया। जिसका नाम था "प्रेरणा एवं प्रगति"। मंगलाचरण कन्या मंडल द्वारा किया गया। साध्वी ऋषिप्रभा जी ने अपने वक्तव्य में जीवन में प्रगति, पुरुषार्थ और आत्मबल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा “प्रगति का सीधा संबंध सफलता से है।” जब तक सफलता नहीं मिलती, तब तक अभ्यास करते रहना चाहिए और उसी मार्ग पर आगे बढ़ते रहना चाहिए। “परिश्रम और मेहनत करनी चाहिए, तभी हम सफल होंगे। यदि पुरुषार्थ छोड़ दिया तो कभी सफलता नहीं मिल सकती।”
अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की सह–मंत्री मधु कटारिया ने अपने विचार रखेंगे हुए कहा कि हमें प्रेरणा स्वयं से मिलती है, नहीं तो दूसरे से मिलती है, इसलिए हमें प्रयास करना चाहिए। तेरापंथ कन्या मंडल की दक्षिण प्रभारी रुचिका पटावरी ने कहा कि अपनी नींव को, देव, गुरु और धर्म के प्रति अपनी आस्था मजबूत रखें। साध्वी सोमयशाजी ने बताया कि एक कन्या में शक्ति, पवित्रता और संवेदना होती है, और उसे अपनी गरिमा और आंतरिक सौंदर्य को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हमें प्रगति चाहिए तो बड़ों और माता-पिता का आशीर्वाद मिलना भी आवश्यक है। जैसा कहा गया है— “जहाँ काम कुछ न आए, वहाँ दुआ काम आ जाती है।” साध्वीश्री ने यह भी समझाया कि हमें अपनी शक्ति को व्यर्थ नहीं करना चाहिए, विशेषकर कन्याओं को अपनी ऊर्जा और सामर्थ्य को सही दिशा में लगाना चाहिए ।
हमें अपने लक्ष्य को याद रखते हुए, छोटे-छोटे प्रयासों से आगे बढ़ना चाहिए और कभी हार नहीं माननी चाहिए। साध्वीश्री ने समझाया कि कैसे हमारे कर्म हमारे भविष्य को निर्धारित करते हैं। वक्ता भानु प्रिय ने अपने सत्र में बताया कि लोगों से मधुर, सरल और कोमल वाणी में कैसे संवाद करना चाहिए, जिससे सामने वाला व्यक्ति सहज और प्रसन्न महसूस करे। इस कार्यशाला में तेरापंथ सभा, महिला मंडल और युवक परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी गीता गन्ना ने किया और आभार सहप्रभारी नीलम तातेड़ ने किया। कार्यशाला संयोजिका दृष्टि गन्ना और सह –संयोजिका दिया पोरवार का भी सहयोग रहा।