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पैसठिया छंद अनुष्ठान एवं एलाइटिंग योर सेल्फ कार्यशाला का आयोजन
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के अंतर्गत साध्वी संयमलता जी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन, विजयनगर में पैसठिया छंद अनुष्ठान के साथ एलाइटिंग योर सेल्फ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के साथ करते हुए साध्वी संयमलता जी ने कहा भारतीय संस्कृति में दीपावली बहुत ही महत्वपूर्ण और लोकप्रिय त्यौहारों की श्रेणी में आता है। यह ज्योति पर्व, ज्ञान पर्व के साथ भगवान महावीर का निर्वाण दिवस भी है। दीपावली ज्योति से ज्योति जलाने का पर्व है। इस प्रकाशमय पर्व पर हम अपने भीतर के प्रकाश को जगाएं। दीपावली के अवसर पर तीन दिनों का यह मंत्रों का अनुष्ठान शरीर मन तथा भाव को आरोग्य प्रदान करने वाला होता है। त्रिदिवसीय अनुष्ठान की संपन्नता के साथ श्रावक-श्राविकाएं आध्यात्मिक विकास की और अग्रसर हो यही मंगल भावना है। साध्वी मार्दव श्री जी ने कहा पैसठिया छंद सर्व मनोकामना सिद्ध करने वाले मंत्रों का समूह है। 24 तीर्थंकरों की यह स्तुति आरोग्य, बोधि, समाधि व सिद्धि देने वाली है। यह तीन दिन मंत्रों की सिद्धि हेतु शक्तिशाली बताए गए हैं, स्वयं के भीतर छिपे कर्मों को झाड़ने का यह अच्छा अवसर है। मंत्रों का यह जप सबके लिए आध्यात्मिक रिद्धि- सिद्धि प्रदान करने वाला बने। दीपावली के अवसर पर अनेक लोगों ने डिजिटल डिटॉक्स का त्याग किया। कार्यक्रम में श्रावक-श्राविकाओं की अच्छी उपस्थिति रही।