बदलते युग में नई सोच सफलता का सूत्रधार

संस्थाएं

माधावरम ,चेन्नई।

बदलते युग में नई सोच सफलता का सूत्रधार

आचार्य महाश्रमण तेरापंथ जैन पब्लिक स्कूल में बाल दिवस के अवसर पर छात्रों के लिए एक विशेष प्रेरणात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मुनि जयेश कुमारजी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे। मुनि जयेश कुमारजी ने इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा आज के इस तेज़ी से बदलते युग में व्यक्ति नई सोच के बिना आगे नहीं बढ़ सकता है। मैं अनेक बार कहता हूं कि मनुष्य का जन्म कुछ नया करने हेतु हुआ है, पर नया करने के लिये पहले कुछ अलग सोचना जरूरी है। व्यक्ति अपनी अलग सोच से सामान्य कार्य को भी असाधारण उत्कृष्टता प्रदान कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा प्रसिद्ध सूक्त है 'सफलता बड़ी चीजों में होती है पर खुशियां छोटी चीजों से मिलती है। कई लोग छोटी छोटी खुशियों को ज्यादा महत्व देते है, पर सच्चाई यह है कि कुछ बड़ा किये बिना व्यक्ति जीवन में महानता का वरण नही कर सकता है। सफलता के लिये छोटी छोटी खुशियों का बलिदान करना ही पड़ता है। हर महान व्यक्ति ने इनका बलिदान देकर ही असाधारण सफलताओं को हासिल किया है। मुनिश्री ने आशा व्यक्त कि इस कार्यशाला में प्राप्त संबोध आपके जीवन में नई सोच के जागरण के साथ उसे नई दिशा दे सकेगा। यह सत्र विद्यार्थियों के मन में नई सोच का संचार करेगा और उन्हें जीवन में उद्देश्यपूर्ण दिशा प्रदान करेगा। मुनि मोहजीत कुमार जी ने सभी विद्यार्थियों को सत्संकल्प करवाए एवं अच्छे इंसान बनने की प्रेरणा दी। विद्यालय प्रबंधन ने उनके आगमन हेतु आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम का समापन भावी शुभकामनाओं और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।