आचार्य श्री तुलसी के 112वें जन्म दिवस पर विविध आयोजन

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आचार्य श्री तुलसी के 112वें जन्म दिवस पर विविध आयोजन

युगप्रधान आचार्य श्री तुलसी जी की 112वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मनाया गया, जिसका मुख्य विषय था— अणुव्रत Celebration of Humanity (मानवता का उत्सव)। यह आयोजन मुनि रश्मि कुमार जी, मुनि प्रियांशु कुमार जी के मंगल सान्निध्य में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में भट्टारक धवल कीर्ति स्वामी पोलूर से विशेष रूप से पधारे थे। कार्यक्रम की शुरुआत अणुव्रत जुलूस , मंगलाचरण और अणुव्रत गीत से हुई। इसके बाद मुनिश्री रश्मि कुमार जी ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहा कि — 'अणुव्रत केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि जीवन को मानवीय मूल्यों से जोड़ने का एक अभियान है। आचार्य श्री तुलसी जी ने इसका संदेश देकर पूरी मानवता के लिए एक दिशा निर्धारित की।' विशेष अतिथि भट्टारक धवलकीर्ति स्वामी जी ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य तुलसी का जीवन संयम, करुणा और सेवा का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से आचार्य तुलसी के अणुव्रत सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अणुव्रत से संबंधित प्रदर्शनी, प्रेरक पोस्टर प्रदर्शन और संकल्प ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। महिला मंडल, युवक परिषद, कन्यामंडल और ज्ञानशाला के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। आयोजन वास्तव में 'अणुव्रत – मानवता का उत्सव' की भावना को चरितार्थ करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम रहा।