अखंड जप एवं  मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन

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गुड़ियात्तम।

अखंड जप एवं मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन

सभा भवन में दो दिवसीय अखंड जप एवं मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन और नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुआ। इस अवसर पर विराजमान मुनि रश्मि कुमार जी ने सभी श्रावक-श्राविकाओं को गहन भक्ति भाव से 'बड़ा मंगल पाठ' सुनाया। उनकी मधुर वाणी और मंगल स्वर से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति और दिव्यता से ओतप्रोत हो उठा। अपने प्रेरणादायक प्रवचन में मुनिश्री ने दिवाली के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि दिवाली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि यह आत्मा के प्रकाश को जगाने और अहंकार, लोभ व क्रोध के अंधकार को मिटाने का संदेश देती है। उन्होंने आगे बताया कि दिवाली का यह दिन भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। भगवान महावीर ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था, जो हमें आत्मशुद्धि, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से मंगल पाठ, आशीर्वचन और दिवाली की शुभकामनाएँ दीं। पूरा सभा भवन भक्ति, शांति और आध्यात्मिक उल्लास से आलोकित हो उठा।