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भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव
तुसरा। परमपूज्य युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या समणी डॉ निर्वाण प्रज्ञा और समणी मध्यस्थ प्रज्ञाजी के सान्निध्य में कुंदन जैन भवन तुसरा ओडिशा में भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव मनाया गया। समणी डॉ निर्वाण प्रज्ञा जी ने कहा भगवान महावीर हिंदुस्तान के महान सपूत थे। उनका विशाल दृष्टिकोण सम्पूर्ण मानव जाति को व प्राणी जगत को अपने में समेटे हुए था। उन्होंने अहिंसा का सिद्धांत दिया यदि आज का मानव उसे अपनाता तो न हिंसा होती, न क्रूरता होती और न युद्ध का वातावरण होता। आज की मानव जाति को उस करुणा शील महावीर के पुनः अवतरण की अपेक्षा है।
भगवान महावीर सर्वज्ञ, सर्वदर्शी, यथार्थवादी, अनेकांतवादी, समता वो सहिष्णुता का साक्षात् जीवंत उदाहरण थे।यदि व्यक्ति सुख शांति, अभय और अमन को चाहता है तो उसे शांति, सहिष्णुता ओर करुणा का विकास करना चाहिए। समणी मध्यस्थप्रज्ञाजी, तुलसी और ओडिशा सभा के अध्यक्ष मनोज ने भी अपने विचार रखे। ज्ञानशाला के बच्चों के प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। आस पास के क्षेत्रों से भी श्रावक समाज ने लाभ लिया।