बच्चों में सद्संस्कार के लिए ज्ञानशाला आवश्यक

संस्थाएं

नोखा।

बच्चों में सद्संस्कार के लिए ज्ञानशाला आवश्यक

नोखा। अच्छे संस्कार बच्चों को ज्ञानशाला के द्वारा+ ही दिए जा सकते हैं। विनम्रता, सहनशीलता सेवा भावना, धर्म- कर्म पाप - पुण्य छोटी-छोटी बातें जीवन को उन्नत बनाती है। अभिभावकों का दायित्व है कि ज्ञानशाला में ज्ञानाराधना के लिए बच्चों को भेजें - यह उद्गार डॉ मुनि अमृतकुमार ने ज्ञानार्थियों को प्रशिक्षण देते हुए कहा। भूरा भवन में प्रशिक्षिका राजकुमारी मरोठी, कोमल भूरा, अनू भूरा, विभा आंचलिया, रेखा सेठिया, स्नेहा बैद ने दो घंटा बच्चों को प्रशिक्षित किया। तेयुप अध्यक्ष निर्मल चोपड़ा, सभा मंत्री मनोज घीया, ज्ञानशाला प्रभारी महावीर नाहटा, सुशील भूरा ने व्यवस्था का दायित्व संभाला। इंदर चंद बैद ने बताया कि 70 बच्चों ने ज्ञानशाला में भाग लिया।