भक्तामर स्तोत्र का सुंदर और सफलतम आयोजन

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दुबई।

भक्तामर स्तोत्र का सुंदर और सफलतम आयोजन

आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्याएँ डॉ. समणी मंजु प्रज्ञा जी और समणी स्वर्ण प्रज्ञा जी के सान्निध्य में तथा अजमान सभा के तत्त्वाधान में भक्तामर स्तोत्र का 4 दिन 3 रात (लगभग 85 घंटे का) सुंदर और सफलतम आयोजन संपन्न हुआ। इस पावन अनुष्ठान में UAE, UK, भारत (कोलकाता) तथा अमेरिका से श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धा, निष्ठा और परिश्रम से भाग लिया। भारत के कोलकाता से उपासक डॉ. प्रेमलता चोरड़िया ने अपनी आध्यात्मिक उपस्थिति से आयोजन को विशेष रूप से आलोकित किया। UK से स्मिता गुंजन ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी से अनुष्ठान को सफल बनाया। अमेरिका से सभी सन्माननीय समणियों चैतन्य प्रज्ञा जी, समणी हिम प्रज्ञा जी, समणी समत्त्व प्रज्ञा जी, समणी अभय प्रज्ञा जी, समणी आर्जव प्रज्ञा जी, समणी स्वाति प्रज्ञा जी का सान्निध्य एवं सहयोग इस अनुष्ठान को प्राप्त हुआ। इस अनुष्ठान को सफलतम बनाने में डॉ. समणी मंजु प्रज्ञा जी और समणी स्वर्ण प्रज्ञा जी का श्रम विशेष रूप से सराहनीय रहा। UAE से उपासक दिनेश कोठारी, पुष्पा कोठारी, राकेश पटावरी तथा दीप्ति पटावरी ने इस अनुष्ठान के आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण भक्तिभाव, साधना और सामूहिक एकता से परिपूर्ण रहा। भक्तामर के दिव्य स्वर गूंजते रहे और सबने मिलकर जैन धर्म की भक्ति-परंपरा को नई ऊँचाई दी। जैन संघ के अध्यक्ष विपुल कोठारी के आमंत्रण पर दुबई सकल जैन संघ के सामने समणी जी का आशीर्वचन और मंगल पाठ हुआ| उसमें लगभग 500 लोगों ने लाभ लिया| इस अनुष्ठान में डॉं समता एवं मयंक, दीप्ती, सुमित, शुशीला, अंजु, शोभा आदि का विशेष योगदान मिला