आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

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माधावरम, चेन्नई

आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

जैन तेरापंथ नगर में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि दीप कुमार जी ठाणा-2 के सानिध्य में आयोजित हुआ आचार्य श्री तुलसी का 100वां दीक्षा दिवस। मुनि दीपकुमार जी ने कहा-आचार्य श्री तुलसी विलक्षण महापुरुष थे। आचार्य श्री तुलसी के व्यक्तित्व का निर्माण जिन तानो-बानो से हुआ शायद दुनिया में वे उतने ही थे ।इसी कारण उनके व्यक्तित्व की तुलना में किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा नहीं किया जा सकता। उन‌की विलक्षणता के अनेक घटक तत्व थे। उनमें सबको साथ में ले चलने की अद्भुत कला थी। मुनिश्री ने विस्तार से आचार्य श्री तुलसी के दीक्षा प्रसंग का वर्णन किया। वर्तमान में हम आचार्यश्री महाश्रमण में आचार्य श्री तुलसी के रूप का दर्शन कर रहे हैं। मुनि काव्य कुमार जी ने कहा- आज के दिन एक ऐसा महासूर्य तेरापंथ धर्म संघ में उदित हुआ जिसने अपनी कीरणो से तेरापंथ धर्म संघ को तेजस्वी बनाया और विकास के शिखरो पर चढ़या। माधावरम की बहनों ने तुलसी अष्टकम का संगान किया।प्रेक्षा प्रशिक्षक , प्रतिमा धारी श्रावक माणकचंद रांका ने गीत गया।