आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

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तोशाम

आचार्य श्री तुलसी के १०० वें दीक्षा दिवस पर विविध आयोजन

जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा भवन तोशाम में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन श्री साध्वी तिलक जी ठाणा-3 के सान्निध्य में आचार्य तुलसी दीक्षा शताब्दी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। शासन श्री साध्वी तिलक जी ने फरमाया कि आचार्य तुलसी 22 वर्ष की अवस्था में तेरापंथ के आचार्य बने। उन्होंने आचार्य तुलसी की विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व वक्तृत्व कर्तृत्व और नेतृत्व बेजोड़ था।
उन्होंने आचार्य तुलसी के अवदानों के बारे में बताते हुए कहा कि आचार्य तुलसी ने मानव जाति के कल्याण के लिए कार्य किया। साध्वी महिमा जी एवं निर्णयप्रभा जी द्वारा आचार्य श्री तुलसी जी के जीवन वृत्त को शब्दचित्र के माध्यम से दर्शाया गया। महिला मंडल की बहनों द्वारा आचार्य श्री तुलसी के दीक्षा प्रसंग को नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया एवं सामूहिक गीत का संगान भी किया गया। ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा आचार्य श्री तुलसी के गीतों पर आध्यात्मिक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। तेरापंथ सभा अध्यक्ष पवन जैन, मंत्री शंकर जैन, उपासिका मंजू जैन, अणुव्रत समिति अध्यक्ष ज्योति जैन, ज्ञानशाला मुख्य प्रशिक्षिका कमलेश जैन, साक्षी जैन आदि ने गीत कविता एवं भाषण के माध्यम से अभिव्यक्ति दी।