रचनाएं
ॐ भिक्षु को याद करेगा सारा जमाना
त्रिशताब्दी पावन अवसर लगता बड़ा ही सुहाना।
करिश्माई व्यक्तित्व श्री भिक्षु को याद करेगा सारा जमाना।।
बाबे की जन्मभूमि में उमड रहा जन जन का सैलाब।
भिक्षु महाश्रमण तेरी जन्मभूमि में आने को बेताब।।
तारणहार भिक्षु इष्ट बने यहीं हर जन्म का ख्वाब।
तेरी चरणकमल आने वालों को मिलता भवेोदधि किनारा।।
स्वामीजी की जन्मभूमि में बरस रही सोमरस की धारा।
पुण्यवान के पंगपग निधान गाता यह संघ सारा।।
उजली चादर का उजला व्यक्तित्व जी भरकर निहारा।
तुम अवनि अम्बर में चमकनेवाला अद्भूत अफसाना।।
श्री भिक्षु भारीमल से जुड़ती रहे जन्म जन्मों की इकतारी।
सांस सांस में वास नेक तुम्हारा नाम तेरा विघ्न बाधाहारी।।
गुरुभक्ति शक्ति में आप्लावित हो सदा तेरी शरणहारी।
अध्यात्म जगत की गहराई में जाकर बजाऊ भक्तिमय तराना।।