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सुख शांति दायक है प्रभु पार्श्वनाथ का नाम
युगप्रधान, शांतिदूत, महातपस्वी, आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी संयमलताजी के सान्निध्य में 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान की पार्श्व जयंती का आयोजन राजराजेश्वरी नगर के तेरापंथ भवन में किया गया। साध्वीश्री जी ने प्रभु पार्श्व की अति महिमा, प्रसिद्धि व प्रभावना का कारण बताते हुए कहा- प्रभु पार्श्व ने अनेक जीवों का कल्याण किया। उनका नाम मात्र जीवन का अंधकार दूर कर देता है, मन के सारे मनोरथ पूर्ण कर देता है। आज भी दुनिया उनके नाम से सुख शांति प्राप्त कर रही है। साध्वी मार्दव जी ने प्रभु पार्श्व को रिझाने वाला विशिष्ट आध्यात्मिक अनुष्ठान करवाया। साध्वीजी ने कहा मंत्र शक्ति से मन को एकाग्र कर हम अपनी प्राण उर्जा को एक आराध्य पर केन्द्रित करके उस शक्तिशाली प्रभुत्ता संपन्न प्रभु की सकारात्मक उर्जा व पवित्रता से संपर्क साध कर स्वयं भी प्रभुता संपन्न बन जाते है। तेरापंथी सभा, युवक परिषद, महिला मंडल ने पार्श्व स्तुति से सामूहिक मंगलाचरण किया। राजराजेश्वरीनगर के सभाध्यक्ष राकेश छाजेड़ एवं विजयनगर सभा के अध्यक्ष मंगल कोचर ने प्रभु पार्श्व देव के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की। कार्यक्रम का संचालन सभा मंत्री गुलाब बाँठिया एवं आभार ज्ञापन तेयुप अध्यक्ष विक्रम महेर ने किया।