गुरुवाणी/ केन्द्र
प्रेक्षाध्यान पद्धति अशांत मानव के लिए उपयोगी
जोधपुर। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी जिनरेखाजी, साध्वी सम्पूर्णयशाजी एवं साध्वी मेघप्रभाजी आदि ठाणा-13 के पावन सान्निध्य में तेरापंथ भवन, अमरनगर, जोधपुर में विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर साध्वी मेघप्रभाजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री तुलसी एवं आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी द्वारा प्रतिपादित प्रेक्षाध्यान पद्धति आज के अशांत मानव के लिए अत्यंत उपयोगी है। साध्वी सम्पूर्णयशाजी ने कहा कि प्रेक्षाध्यान के प्रयोग से व्यक्ति अंतर की वृत्तियों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है तथा मानसिक तनाव से मुक्त जीवन की ओर अग्रसर हो सकता है। प्रेक्षाध्यान प्रशिक्षिका रणजीता जैन ने साधकों को समताल श्वास प्रेक्षा का प्रयोग कराते हुए कहा कि यदि प्रेक्षाध्यान को जीवन का नियमित अंग बनाया जाए, तो शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन सहज रूप से प्राप्त किया जा सकता है। सभा अध्यक्ष सुरेश जीरावला, महिला मंडल अध्यक्षा अर्चना बुरड़, टी.पी.एफ. अध्यक्ष महेन्द्र मेहता ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सभा मंत्री महावीर चोपड़ा, सभा संगठन मंत्री रतन चोपड़ा आदि की गरिमामय उपस्थिति रही।