पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन

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नेल्लोर, आंध्रप्रदेश।

पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन

पुरुषादानीय भगवान पार्श्वनाथ का 2901वां जन्म कल्याणक दिवस मुनि मोहजीत कुमार जी के सान्निध्य तथा श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, किलपॉक के तत्वावधान में काकटूर जैन तीर्थ, नेल्लोर, आंध्रप्रदेश में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ नमस्कार महामंत्र से हुआ। दिवस के प्रारम्भ में आचार्य तुलसी द्वारा रचित पार्श्वनाथ स्तुति का संगान मुनि भव्य कुमार जी ने किया। भगवान पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक दिवस पर अप‌ने भावों की प्रस्तुति करते हुए मुनि जयेशकुमारजी ने प्रभु पार्श्वनार्थ की महिमा 24 तीर्थकरों के मध्य अलग वैशिष्ट्यता लिये हुए क्यों है इसे अनेक सारपूर्ण तथ्यों और उदाहरणों से स्पष्ट किया। इस अवसर पर मुनि मोहजीत कुमारजी ने कहा- भगवान पार्श्वनाथ के जीवन में संवेदनशीलता और करुणा का भाव था।
उन्होंने स्वयं पर आने वाले उपसर्गों को करुणा से अभिभूत बन उन्हें तिरोहित किया। भगवान पार्श्व का प्रभाव जीवन के कष्टों के निवारण का बहुत बड़ा आधार है। जैन परम्परा से जुड़े शताब्दियों पूर्व हुए आचार्यों ने भगवान पार्श्व की स्तुति में अनेकानेक स्तोत्रों का निर्माण किया। जो आज भी भक्त जनों के कष्टों का निवारण करता है। भगवान पार्श्व जन्म‌ कल्याणक दिवस के उपक्रम में मुनि श्री ने विघ्नहर अनुष्ठान को प्राकार देते हुए अनेक मंत्रों को सह संगान करवाया। किलपॉक सभा उपाध्यक्ष धर्मीचंद जी छल्लाणी ने विचार रखे। कार्यक्रम की सफल संयोजना में किलपॉक सभा सहमंत्री अशोक आच्छा आदि सदस्यों का योगदान रहा।