भवसागर को पार लगाने सामायिक जहाज है

संस्थाएं

बड़ोदरा।

भवसागर को पार लगाने सामायिक जहाज है

बड़ोदरा। आचार्यश्री महाश्रमण की विदुषी शिष्या डा. साध्वी परमयशाजी के सान्निध्य में अभिनव सामायिक का समायोजन हुआ। डा. साध्वी परमयशा जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामायिक पॉजिटव एटीट्यूड की अद्भुत साधना है। सक्सेसफुल लाइफ का उन्मेष है अभिनव सामायिक। कॉन्फिडेंस पावर को बढ़ाता है। सामायिक से 92 करोड़ 59 लाख 25 हजार 925 पल्योपम के अशुभ कर्म दूर होते हैं। विश्व की समस्याओं का समाधान संभव है। 48 मिनट की सामायिक से 84 लाख के अशुभ कर्म दूर होते हैं। पूर्णिया श्रावक जैसी कुछ समतामय सामायिक करें। डा. साध्वी परमयशाजी, विनम्रयशाजी, मुक्ताप्रभाजी और कुमुदप्रभा जी ने आडम्बर से प्रदर्शन से दूर रहना सिखलाती गीत का संगान किया। अभिनव सामायिक में तेरापंथ युवक परिषद के दीपक श्रीमाल ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी।