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सबके कल्याण का राजमार्ग है प्रेक्षा ध्यान
प्रेक्षा फाउंडेशन के निर्देशन में प्रेक्षा वाहिनी शाहीबाग अहमदाबाद व तेरापंथ सेवा समाज के संयुक्त प्रयास से विश्व ध्यान दिवस पर तेरापंथ भवन, प्रेक्षाध्यान कार्यशाला में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन चंदनबाला के सानिध्य मैं साध्वी वर्धमानश्रीजी ने कहा कि सबके कल्याण का राजमार्ग है प्रेक्षा ध्यान। साध्वीश्री ने आगे कहा कि प्रेक्षाध्यान प्रेक्षा प्रणेता आचार्यश्री महाप्रज्ञजी का मानव जाति के लिए महान अवदान है उनका महत्वपूर्ण वाक्य है। साध्वी वर्धमानश्रीजी ने संबोधित करते हुए कहा कि भाव क्रिया, प्रतिक्रिया विरती, मैत्री, मीताहार मित भाषण के द्वारा, आत्मा के द्वारा आत्मा को देखें -यह आध्यत्मिक चेतना के जागरण का महत्वपूर्ण सूत्र है।
अपने आप को देखने से कषायों का आवरण हटाने का मार्ग प्रशस्त होता है, जिससे चित्त की निर्मलता, मानसिक संतुलनता व समता का विकास होता है। साध्वी श्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रेक्षा ध्यान से कषाय शांत कर परम शांति व आनंद का अनुभव होता है आवश्यकता है कि प्रेक्षा ध्यान को प्रयोगशाला बनाने का प्रयास करे। प्रेक्षा प्रशिक्षक जवेरीलाल संकलेचा ने कहा कि व्याधि, आदि और उपाधि से समाधि का मार्ग प्रशस्त करता है। तेरापंथ सेवा समाज के प्रधानट्रस्टी सज्जनराज सिंघवी ने स्वागत भाषण किया।। धनराज छाजेड़ व सोहनराजजी भरसारिया ने श्वास के सम्यक प्रयोग करवाएं। कुशल संयोजन प्रेक्षावहिनी शाहीबाग के संवाहक जवेरीलाल संकलेचा ने किया। लगभग 180 भाई बहनों ने उत्साह से भाग लिया।