ज्ञानशाला प्रशिक्षक रिफ्रेशर कार्यशाला 2025 का आयोजन

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साउथ कोलकाता।

ज्ञानशाला प्रशिक्षक रिफ्रेशर कार्यशाला 2025 का आयोजन

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेशकुमार जी ठाणा- 3 के सान्निध्य में ज्ञानशाला प्रशिक्षक रिफ्रेशर कार्यशाला - 2025 का सफल आयोजन साउथ कलकत्ता श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा द्वारा तेरापंथ भवन में आयोजित किया गया। कार्यशाला में प्रशिक्षण हेतु ज्ञानशाला के राष्ट्रीय संयोजक सोहनराज चौपड़ा प्राध्यापक डालिमचंद नौलखा प्रो. डा. रत्ना कोठारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दो दिवसीय कार्यशाला में बहनों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण एवं प्रवचन क्रम में उपस्थित प्रशिक्षिका बहनों को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमार जी ने कहा-जैन धर्म में जीवन विकास में ज्ञान का महत्त्वपूर्ण स्थान है। ज्ञान संपदा है।
ज्ञान इहलोक व परलोक में साथ रह सकता है। ज्ञान का कभी अपहरण नहीं होता है। ज्ञान को तीसरा नेत्र कहा गया है। ज्ञान प्राप्त का स्थान ज्ञानशाला है। ज्ञानशाला दिव्यशाला है, संस्कार व चारित्रशाला है ज्ञानशाला न मंत्र है न तंत्र है, न यंत्र है। इन तीनों से मुक्त होना ही ज्ञानशाला है। ज्ञानशाला सत्यम, शिवम्, सुन्दरं का समन्वित रुप है। ज्ञानशाला में पढ़ाने वाला प्रशिक्षक कहलाला है । मुनि कुणाल कुमार जी ने सुमधुर गीत का संगान किया। कार्यशाला में प्रशिक्षिका बहनों को मुनि जिनेश कुमारजी, राष्ट्रीय संयोजक सोहनराज चौपड़ा, प्राध्यापक डालम चंद नौलखा, डॉ रत्ना कोठारी, डा. प्रेमलता चोरडिया ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष मनसुख लाल सेठिया, साउथ कलकत्ता सभा के अध्यक्ष बिनोद चोरडिया आंचलिक संयोजिका डॉ प्रेमलता चोरडिया आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। उद्‌घाटन सत्र का संचालन मुनि परमानंद ने किया।