दो दिवसीय प्रेक्षाध्यान कार्यशाला का समापन

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कुंभलगढ़।

दो दिवसीय प्रेक्षाध्यान कार्यशाला का समापन

तुलसी चेतना सेवा केंद्र कुंभलगढ़ में दो दिवसीय प्रेक्षाध्यान कार्यशाला (शिविर) के समापन सत्र में डॉ मुन पुलकित कुमारजी ने कहा ध्यान का अभाव हमारे जीवन में अशांति, गुस्सा, चिड़चिड़ापन और दुख को बढ़ाने वाला होता है, अतः हर व्यक्ति प्रतिदिन ध्यान करने का संकल्प लें। मुनिश्री ने स्वयं के ध्यान अनुभव सुनाएं। शिविरार्थीयों को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा दिन भर की थकान को बिना गोली दवाई लिए प्रेक्षाध्यान प्रयोग से ठीक किया जा सकता है। प्रेक्षाध्यान के अंतर्गत कायोत्सर्ग का प्रयोग भेद विज्ञान अर्थात आत्मा भिन्न शरीर भिन्न है का बोध करवाता है, मन की चंचलता मिटाने वाला एवं कैंसर जैसी अनेक असाध्य बीमारियों का सटीक समाधान बनकर उभर रहा है। मेडिकल साइंस में इस पर काफी रिसर्च हो रहे हैं। 
नचिकेता आदित्य मुनि ने पावर ऑफ ध्यान विषय पर विचार व्यक्त किए। 2 दिन चले विभिन्न ध्यान के सत्रों में डालमकुमार सेठिया के निर्देशन मे,प्रोजेक्टर के माध्यम से कयोत्सर्ग, दीर्घ श्वास प्रेक्षा,अनुप्रेक्षा, समतल स्वाश प्रेक्षा, मंत्र प्रेक्षाआदि अनेक विषयों पर प्रेक्षा प्रशिक्षिका श्रीमती रेणु कोठारी नकि उपस्थिति रही।लगभग 100 साधको की उपस्थिति रही और उन्होंने अपने अनुभव भी बताएं। जय कोठारी एवं नमन पुगलिया तथा यशिका जैन ने गीत प्रस्तुत किया। सभा अध्यक्ष पारसमल भंसाली ने सभी शिविरार्थियों के प्रति आध्यात्मिक मंगलकामनाएं एवं सभा मंत्री विनोद छाजेड़ ने आभार प्रकट किया।