तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला का हुआ सुंदर आयोजन

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दक्षिण मुंबई।

तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला का हुआ सुंदर आयोजन

आचार्य भिक्षु त्रिशताब्दी वर्ष के अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, मुंबई के तत्वावधान में तेरापंथ - मेरापंथ कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ सभा दक्षिण मुंबई द्वारा किया गया। परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी शिवमाला जी एवं सहव्रती साध्वीवृंद के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ। श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन मुंबई सभा के अध्यक्ष मानकधींग ने किया।
मुंबई सभा मंत्री दिनेश सुतरिया, महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़ ने आगंतुकों का स्वागत अभिनंदन किया। दक्षिण मुंबई सभा अध्यक्ष सुरेश डागलिया ने पधारे हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रावकों का दक्षिण मुंबई समाज की ओर स स्वागत किया। साध्वीश्री ने भी आचार्य महाप्रज्ञ रचित तेरापंथ मेरापंथ बना लो जी का सुमधुर संगान किया। तत्पश्चात सूरत से पधारे हुए मुख्य वक्ता प्रवक्ता उपासक सुरेश बाफना का परिचय एवं सम्मान मोमेंटो द्वारा सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
सुरेश बाफना ने तेरापंथ के उद्भव से लेकर साध्य और साधन की मीमांसा आदि विषयों का तलस्पर्शी ज्ञान श्रावकों के सामने प्रस्तुत किया। आचार्य भिक्षु की धर्म अधर्म की कसौटी, व्यावहारिक कर्तव्य - आध्यात्मिक धर्म की विवेचना की। उपस्थित श्रावकों की अनेक जिज्ञासाओं का समाधान भी सुंदर तरीके एवं दृष्टांतो से किया। साध्वी शिवमाला जी ने अपने कुछ विचार रखे। कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा मंत्री दिनेश धाकड़ ने किया