रचनाएं
संयम पथ साथ में आए
संयम पथ साथ में आए, अब चल दिये अपनी डगर
इतने जल्दी जाओगे, सोचा न कभी इस पर-2
बचपन में साथ रहे है, वैराग्य भावना साथ-2
मेरी चाकरी में तुमने ले लिया एक लम्बा सफर... इतने...
समणी दीक्षा में सहचर, गुरु तुलसी चरण कमल-2
साध्वी दीक्षा ले पहले बढ़ गए अग्रिम पथ पर... इतने...
शांति निकेतन में तुमने, लम्बा स्थिरवास किया-2
माताजी की जोड़ी के की ठुकराई बन ठाकर... इतने...
समतामय सहज सरलता नियम निष्ठा गहरी-2
कभी अनुशासन भी करते, भीतर करुणा का जिगर... इतने...
अन्तर मन के शुभ भाव, सिद्ध भी वरण करो-2
सच्चा सुख आत्म तत्व का पाए पद अजर अमर... इतने...
लय : प्रभुपार्श्व