स्वाध्याय
मर्यादा महोत्सव पर विशेष : छोटी खाटू
1. छोटीखाटू मे आचार्यो की श्रृखलां मे सर्वप्रथम चतुर्थ आचार्य जीतमलजी का वि स 1920 मे पदार्पण हुआ।
2. आचार्य जीतमलजी के अतिरिक्त आचार्य डालगणी, कालूगणी तुलसीगणी, महाप्रज्ञजी एवं महाश्रमणजी का भी अनेक बार पदार्पण हुआ।
3. छोटीखाटू मे सर्वप्रथम चारित्रात्माओं का चातुर्मास वि स 1888 मे आचार्य रायचंदजी स्वामी के शासनकाल मे साध्वीश्री हस्तुजी पीपाड़ का हुआ।
4. वि स 1888 से 1958 तक कुछ - कुछ अंतराल मे चातुर्मास हुए लेकिन स. 1960 से 2082 अब तक अनवरत रूप से छोटीखाटू मे चातुर्मास प्रवास मिलता रहा है।
5. 'महाश्रमण ' मुनि मुदितकुमारजी की प्रथम अणुव्रत प्रेक्षा यात्रा का समापन्न छोटीखाटू मे हुआ।
6. जब 'महाश्रमण' मुनि मुदितकुमारजी स्वामी सरदारशहर की ऐतिहासिक अणुव्रत यात्रा करके छोटीखाटू पधारे तब आचार्य तुलसी ने युवाचार्य महाप्रज्ञजी को उनकी अगवानी मे भेजा तत्पश्चात युवाचार्य महाप्रज्ञजी जब 'महाश्रमण' मुनि मुदितकुमारजी को साथ लेकर छोटीखाटू स्थित तेरापंथ सभा भवन मे पधारे तब स्वयं आचार्य तुलसी ने अपने पटृ पर उतर कर 'महाश्रमण' मुनि मुदितकुमारजी का अभिवादन किया।
7. छोटीखाटू मे वैसे कोई बड़े संघीय आयोजन नही हुए आचार्य कालूगणी और तुलसीगणी ने होली चौमासे का अवसर प्रदान किया था।
8. आचार्य महाप्रज्ञजी का जब छोटीखाटू पदार्पण हुआ तब फरमाया छोटीखाटू ऐसा क्षेत्र है जहाँ संघीय आयोजन किया जा सकता है।
9. आचार्य महाश्रमणजी ने 18 नवम्बर 2022 को छोटीखाटू मे ही छोटीखाटू के लिए सन, 2026 के मर्यादा महोत्सव की घोषणा की आचार्य महाश्रमणजी के शासन मे यह पहला ही अवसर था जिस क्षेत्र के लिए मर्यादामहोत्सव घोषित हुआ उसी क्षेत्र मे उसकी घोषणा की गई।
10. तेरापंथ धर्मसंघ मे अब तक 58 क्षेत्रो मे 161 मर्यादामहोत्सव सम्पन्न हो चुके 162 वां मर्यादामहोत्सव छोटीखाटू मे आयोजित है जो 59 वां क्षेत्र होगा।
11. छोटीखाटू से सर्व प्रथम दीक्षा मुनिश्री गुलाबचंदजी स्वामी की आचार्य जीतमलजी स्वामी के शासनकाल मे सम्पन्न हुई।
12. छोटीखाटू से अब तक 18 व्यक्तियों ने दीक्षा ग्रहण की जिसमे 8 साधु मुनिश्री गुलाबचंदजी, बिंजराजजी, जवरीमलजी, सोहनलालजी, वृद्विचंदजी, प्रबुद्धकुमारजी, तन्मयकुमारजी और मेघ कुमारजी और 9 साध्वियां साध्वीश्री तीजा जी, चांदूजी, केशरजी, सूरजकंवरजी, जयकंवरजी, कंचनकंवरजी, शांतिप्रभाजी, ललितरेखाजी, श्रुतयशाजी एवं क्षितिप्रभाजी।
13. वर्तमान मे छोटीखाटू से 2 मुनि,मुनिश्री तन्मयकुमारजी, मुनि मेघकुमारजी एवं 4 साध्वीयां ,साध्वीश्री शांतिप्रभाजी,डाँ.साध्वीश्री ललितरेखाजी, डाँ. साध्वीश्री श्रुतयशाजी एवं साध्वीश्री क्षितिप्रभाजी दीक्षित है।
14. साध्वीश्री तिजांजी छोटीखाटू ने आचार्य माणकगणी और डालगणी के मध्य अंतिरमकाल मे जसोल की एक साध्वीश्री धन्नाजी को दीक्षित किया।
15. छोटीखाटू की चार चारित्रात्माओ को अग्रगण्य पद पर प्रतिष्ठित किया गया। मुनिश्री जवरीमलजी स्वामी, मुनिश्री सोहनलालजी स्वामी, साध्वीश्री तिजांजी एवं साध्वीश्री श्रुतयशाजी।
16. छोटीखाटू मे आचार्य कालूगणी ने मुनि तुलसी को दोपहर के व्याख्यान देने का निर्देश प्रदान किया।
17. मुनिश्री नथमलजी ( आचार्य महाप्रज्ञजी) की लिपि सुधार का कार्य छोटीखाटू मे प्रारम्भ हुआ।
18. वर्तमान मे एक बहन मुमुक्षु दिव्या फुलफगर पारमार्थिक शिक्षण संस्था मे साधनारत है।
19. छोटीखाटू मे मुनिश्री रामलालजी ने लगातार 8 वर्षो तक स्थिरवास किया यह छोटीखाटू मे देवलोकगमन होने वाले चारित्रात्माओं मे प्रथम थे।
20. छोटीखाटू से अनेक महानुभाव ने केन्द्रीय संस्थाओ को गौरवान्वित किया। श्रीहंसराजी बैताला एवं श्रीमान सुखलालजी सेठिया ने सर्वोच्च संस्था जैन श्वेतांबर तेरापंथ महासभा के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया जिसमे श्रीमान सुखलालजी सेठिया ने दो बार यह अवसर प्राप्त किया। इसी संस्था मे कोलकता के आंचलिक प्रभारी के रूप मे श्रीप्रकाश बैताला ने और अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्षा के रूप मे श्रीमती नीलमजी सेठिया ने अपनी सेवाएं प्रदान की साथ ही साथ अखिल भारतीय तेरापंथ के युवक परिषद् के महामंत्री के रूप मे श्री प्रफुलजी बैताला ने दो बार सेवाए प्रदान की। वर्तमान मे समणसस्कृति संकाय द्वारा जाने तेरापंथ इतिहास के संयोजक के रूप मे श्री संदीपजी भंडारी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है।
21. छोटीखाटू मे लगभग 250 घर जैनीयों के है विशेष बात यह है की सभी के सभी 250 परिवार तेरापंथी है