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तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला का सफल आयोजन
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा गांधीनगर के तत्वावधान में महासभा द्वारा निर्देशित आचार्य श्री भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित तेरापंथ- मेरापंथ कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ सभा भवन गांधीनगर में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य डॉ मुनि पुलकित कुमार जी के सानिध्य में किया गया। डॉ मुनि पुलकित कुमार जी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा तेरापंथ धर्मसंघ में एक अचार और एक विचार की विशिष्टता है। तेरापंथ में अहंकार और ममकार को कोई स्थान नहीं है। आचार्य श्री भिक्षु ने एक गुरु और एक अनुशासन का सूत्र दिया था यही तेरापंथ की विशेषता है। मुनिश्री ने आगे कहा तेरापंथ धर्म संघ में लौकिक और लोकोत्तर धर्म की क्रिया को सही तरीके से समझने और समझाने का प्रयास आचार्यश्री भिक्षु द्वारा हुआ। वही धर्म क्रांति बन गई। सूरत से पधारे प्रमुख वक्ता उपासक सुरेश बाफना ने तेरापंथ के सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए कहा भगवान महावीर द्वारा स्थापित सिद्धांतों को आज भी तेरापंथ के माध्यम से जीवन्त देखा जा सकता है। कार्यशाला को सफल बनाने में संयोजक श्री सुभाष पोखरना का अत्यंत श्रम रहा ।