जीवन को ढोंग से नहीं ढंग से जीएं

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साउथ हावड़ा।

जीवन को ढोंग से नहीं ढंग से जीएं

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि जिनेश कुमार जी ठाणा-3 के सान्निध्य में हैप्पीनेस फेस्टिवल का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम का विषय तनाव मुक्त जीवन कैसे जीएं था। इस अवसर पर उपस्थित धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमारजी ने कहा- वर्तमान युग की जटिल समस्या है-तनाव। तनाव का अर्थ है तन+आव खिंचाव आना। जीवन में अचानक आई हुई बाधा को तनाव कहते हैं। तनाव अनादिकालीन समस्या है। इस समस्या से मुक्त होना युग की आवश्यकता है। तनाव मुक्ति के लिए प्रेक्षाध्‌यान के प्रयोग महत्त्वपूर्ण है। चिंता नहीं चिंतन करें, क्रिया करें किंतु प्रतिक्रिया नहीं करें, सादगी व संयम से रहे, उदारता रखें, मुस्कुराना सीखें, कायोत्सर्ग करें, मन को शांत बनायें, संतुष्ट, पवित्र और आनंद के साथ रहे। जीवन को ढ़ोंग से नहीं ढंग से जीयें।
जीवन को अस्त व्यस्त नही व्यस्त बनाएँ। देह, गेह और नेह की आसक्ति से दूर रहने का प्रयास करें। अनाग्रही मनोवृत्ति का विकास करें। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि कुणाल कुमार जी के मंगलाचरण से हुआ। इस अवसर पर ब्रह्मचारी दिवाकर चैतन्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा- आनंद से मिलने में बाधा को दूर करना तनाव मुक्ति है। दुःख सुख हमारे मन की कल्पना है। एक चिंगारी लाखों करोड़ों साल के अंधकार को दूर कर सकती है। सत्संग तनाव मुक्ति का रास्ता है। ब्रह्मचारी बी के अस्मिता ने कहा- ध्यान पूर्वक जीएं तो टेंशन दूर हो सकता है। कार्यक्रम का संचालन मुनिश्री परमानंद जी ने किया।