तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला का सफल आयोजन

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राजाजीनगर।

तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला का सफल आयोजन

तेरापंथ महासभा द्वारा निर्देशित तेरापंथ सभा राजाजीनगर द्वारा डॉ मुनि पुलकित कुमार जी के मंगल सानिध्य में तेरापंथ मेरापंथ कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ सभा भवन में किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में मुंबई से पधारे प्रवक्ता उपासक सुधांशु जैन थे। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में डॉ मुनिश्री ने कहा आचार्य भिक्षु भगवान महावीर की वाणी के प्रति पूर्ण समर्पित थे। आगमवाणी के आधार पर तेरापंथ के सिद्धांतों को स्थापित किया उनके धर्म क्रांति का आधार साधु चर्या की जागरूकता एवं आत्म अनुशासन का विकास था। नचिकेता मुनि आदित्य कुमार ने गीत के द्वारा प्रस्तुति दी।
मुंबई से पधारे उपासक सुधांशु जैन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा तेरापंथ मेरापंथ कार्यशाला के माध्यम से श्रावक समाज को तेरापंथ के सिद्धांतों का ज्ञान करवाना हमारा उद्देश्य है। मोक्ष प्राप्ति के लिए ही प्रत्येक श्रावक का हर कार्य होना चाहिए। उपासक जी ने आगे कहा कई बार श्रावक भी संतों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं जैसे मेवाड़ राजनगर के श्रावक आचार्य भिक्षु के लिए बने थे। सुधांशु जैन ने तेरापंथ के सिद्धांतों को विस्तार से समझाते हुए कहा तेरापंथ के सिद्धांत अपने आप में यूनिक और आध्यात्मिक गति प्रगति करवाने वाले सिद्धांत है। तेरापंथ मेरापंथ कार्यशाला में लौकिक लोकोत्तर दया और दान, साध्य और साधन की शुद्धि, तेरापंथ और मूर्ति पूजा तथा पुण्य और निर्जरा का संबंध विषय पर चार सत्रों में प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुति दी। जिज्ञासा और समाधान का सत्र भी रोचक रहा। तेरापंथ सभा द्वारा उपासक का अभिनंदन किया गया। स्वागत भाषण अध्यक्ष अशोक चौधरी ने किया।
बेंगलुरु से महासभा के नवनियुक्त आंचलिक प्रभारी महेंद्र दक का स्वागत अभिनंदन किया गया। तेरापंथ सभा गांधीनगर अध्यक्ष पारसमल भंसाली, आदि की उपस्थिति रही।आभार ज्ञापन जैन संस्कारक रनित कोठारी तथा संचालन मंत्री चंद्रेश मांडोत ने किया।