चारित्रात्माएँ आध्यात्मिक चेतना जागृत करते हैं

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चारित्रात्माएँ आध्यात्मिक चेतना जागृत करते हैं

राजाराजेश्‍वरी नगर
शासनश्री साध्वी कंचनप्रभा जी राजाराजेश्‍वरी नगर चातुर्मासिक प्रवास की संपन्‍नता के बाद विहार करते-करते केंगेरी पधारे। साध्वीवृंद को अपने क्षेत्र में पाकर पूरा श्रावक समाज हर्षोल्लासित था। केंगेरी प्रवासी गांधीनगर, बैंगलोर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष सुरेश दक ने साध्वीवृंद के पदार्पण के उपलक्ष्य में अभिनंदन करते हुए कहा कि आज हम अपने प्रांगण में आपको देखकर भाव-विभोर हैं, भक्‍ति प्रणत भावों से अभिनंदन करते हैं। आपका चौथी बार यहाँ शुभागमन हुआ है। आपके निर्देशन में हमारा ज्ञानशाला परिवार विकास कर रहा है।
आरआर नगर तेरापंथ सभा अध्यक्ष मनोज डागा, तेयुप अध्यक्ष सुशील भंसाली, तेममं से प्रचार-प्रसार मंत्री पूनम दक सभी ने साध्वीवृंद के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपने विचार रखे। शासनश्री साध्वी कंचनप्रभा जी ने कहा कि चारित्रात्माएँ प्रतिोतगामी होते हैं। चार महीना एक जगह संवास होता है बाकी आठ महीना विहार यात्रा से जन-जन को आत्मराधना से कल्याणकारी संदेश प्रदान कर उनका उद्धार करते हैं। शासनश्री साध्वी मंजुरेखा जी ने कहा कि यहाँ के शासन भक्‍त सभी परिवारों ने राजराजेश्‍वरी नगर में हमारे चातुर्मास में अप्रमत्त होकर ज्ञान-दर्शन व तप की साधना में जागरूकता दिखाई। राजराजेश्‍वरी नगर से बड़ी संख्या में तेरापंथ सभा, तेयुप व महिला मंडल के पदाधिकारी एवं सदस्यगण, विजयनगर तेयुप से महेंद्र टेबा आदि पद-विहार यात्रा में संभागी थे। उम्मेद गोलछा ने भी विचार रखे।