वैराग्य भाव से कोई छह काय के जीवों को मारने का त्याग-प्रत्याख्यान करता है, वह अभयदान कहा गया है। वह धर्म-दान का अंग है। - आचार्य श्री भिक्षु
वैराग्य भाव से कोई छह काय के जीवों को मारने का त्याग-प्रत्याख्यान करता है, वह अभयदान कहा गया है। वह धर्म-दान का अंग है।