अज्ञानी लोग अधर्म के कार्य को धर्म में और धर्म के कार्य को अधर्म में डाल देते हैं। वे दोनों ओर से बंध जाते हैं, उनकी दुर्गति होती है। - आचार्य श्री भिक्षु
अज्ञानी लोग अधर्म के कार्य को धर्म में और धर्म के कार्य को अधर्म में डाल देते हैं। वे दोनों ओर से बंध जाते हैं, उनकी दुर्गति होती है।