यदि तुम्हारे हृदय में कुछ नहीं बैठता है तो सब झगड़ों को छोड़ो। समता में रहो, कलह को छोड़ो, किसी के सामने रोना मत रोओ। - आचार्य श्री भिक्षु
यदि तुम्हारे हृदय में कुछ नहीं बैठता है तो सब झगड़ों को छोड़ो। समता में रहो, कलह को छोड़ो, किसी के सामने रोना मत रोओ।