युगप्रधान अलंकरण के अवसर पर

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समणी मृदुप्रज्ञा

युगप्रधान अलंकरण के अवसर पर

हे पथदर्शक शासन शेखर
नैयाखेवनहार
माँ नेमासुत वंदन बारंबार
झूमर सुत वंदन बारंबार।।

मातृभूमि सरदारशहर में
उत्सव मंगल है घर-घर में
युगप्रधान भैक्षवशासन में
पुण्य पुंज अवतार।।

विश्व मैत्री और सत्य पुजारी
श्रम-शम-उपशम निर्मलधारी
पट्टोत्सव की शुभ-बेला में
शक्ति का संचार।।

गुरु उपासना है सुखदायी
प्रेरक उद्बोधन वरदायी
महातपस्वी महाश्रमण की
शरण सदा सुखकार।।