ज्ञानशाला दिवस का कार्यक्रम

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ज्ञानशाला दिवस का कार्यक्रम

आमेट।
ज्ञानशाला दिवस साध्वी प्रांजलप्रभा जी के सान्निध्य में मनाया गया। ज्ञानशाला के नन्हे ज्ञानार्थियों द्वारा कविता की सुंदर प्रस्तुति दी गई। 18 पापों को सूक्ष्मता से बताते हुए ज्ञानार्थियों द्वारा लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। साध्वी प्रांजलप्रभा जी ने कहा कि जीवन की विािस यात्रा का प्रथम पड़ाव है बचपन, बचपन जीवन की किताब का सुनहरा पन्ना है, बचपन में जैसे संस्कारों के बीज बोए जाते हैं उसी के आधार पर विकास का वृक्ष बढ़ता है।कार्यक्रम का संचालन ज्ञानशाला सह-संयोजिका श्रद्धा गिलुंडिया ने किया। आभार ज्ञापन ज्ञानशाला संयोजिका सज्जन मेहता ने किया। प्रेम देवी चंडालिया द्वारा बच्चों को पुरस्कार वितरण किए गए। कार्यक्रम में ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं, ज्ञानार्थियों व श्रावक-श्राविकाओं की अच्छी उपस्थिति रही।