गुरुदेव श्री तुलसी मानवता के मसीहा थे

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गुरुदेव श्री तुलसी मानवता के मसीहा थे

आचार्यश्री तुलसी के 109वें जन्मोत्सव के आयोजन

गंगापुर
आचार्य तुलसी एक ऐसे क्रांतिकारी आचार्य हुए जिन्होंने धर्म की नई परिभाषा लिखी, अपने साठ वर्ष के कार्यकाल में नवीन क्षेत्रों में नए-नए आयाम दिए। धर्म को संप्रदाय के खोल से बाहर निकालकर उसे जन-साधारण को सुलभ करवाया। मूल सिद्धांतों को अक्षुण्ण रखकर युगानुकूल परिवर्तन को स्वीकार कर जैन धर्म को नवीन क्षितिज प्रदान किया। प्रेक्षाध्यान, जीवन-विज्ञान, अणुव्रत, नया मोड, आगम संपादन व साहित्य सृजन के लिए आचार्य तुलसी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उपर्युक्त विचार साध्वी विशदप्रज्ञा जी ने आचार्यश्री तुलसी के 109वें जन्म दिवस के अवसर पर स्थानीय कालू कल्याण कुंज में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। साध्वी मंदारप्रभा जी ने आचार्य तुलसी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें अप्रतिम आचार्य व अलौकिक व्यक्तित्व बताया। अणुव्रत समिति अध्यक्ष रमेश हिरण ने आचार्य तुलसी को बीसवीं सदी का महान नायक बताते हुए कहा कि उनका एक अवदान अणुव्रत ही मानव जाति को त्राण देने में सक्षम है। कार्यक्रम में ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा प्रस्तुति दी गई। इसी कार्यक्रम में स्थानीय महिला मंडल द्वारा एक टॉक शो आयोजित किया गया, जिसमें आचार्य तुलसी के बारे में विभिन्न राजनेताओं, धर्माचार्यों व विद्वजनों के विचारों की सजीव प्रस्तुति दी गई। सभाध्यक्ष घेवरचंद बाबेल, नवरत्न हिरण, तेयुप के सदस्य व नेमीचंद भंडारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन तेयुप के अंकित मेहता द्वारा किया गया।