नूतन वर्ष का बृहद मंगलपाठ

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नूतन वर्ष का बृहद मंगलपाठ

दक्षिण (मुंबई)।
शासनश्री साध्वी सोमलता जी व विविध क्षेत्रों के श्रावक-श्राविका समाज ने नववर्ष की प्रथम रश्मि का आरोग्य बोहिलाभ, मनोरथ सिद्धि का उपसर्गहर स्तोत्र, घंटाकर्ण मंत्र, पार्श्वनाथ मंत्रों व गौतम-प्रभु की स्तुति करके अभिनंदन किया। शासनश्री साध्वी सोमलता जी ने कहा कि उत्सव उल्लास व उमंग के प्रतीक होते हैं। जीवन में नई ऊर्जा व नई प्रेरणा का संचार करते हैं। साध्वीश्री जी ने कहा कि नया दिन हमेशा आता है। साल में एक दिन एक बार ही आता है बार-बार नहीं आता। इसलिए हर पल जागरूक रहकर अपने असली घर को पहचानोगे, तब उत्सव मनाने की सार्थकता होगी।