गुरुदेव तुलसी की अमूल्य देन है-ज्ञानशाला

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गुरुदेव तुलसी की अमूल्य देन है-ज्ञानशाला

विजयनगर।
मुनि रश्मि कुमार जी के सान्निध्य में ज्ञानशाला का वार्षिक उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के मंगलाचरण से हुई। अध्यक्ष प्रकाश गांधी ने सभी का स्वागत करते हुए ज्ञानशाला के प्रायोजक परिवार मोहनी देवी की पुण्य स्मृति में हनुमानमल संजय मनोज बैद परिवार, नोखा के प्रति धन्यवाद प्रेषित किया। बैंगलोर संयोजिका नीता गादिया ने अपने विचार व्यक्त किए। ज्ञानशाला संयोजिका मनीषा घोषल ने सभी का स्वागत करते हुए कहानी के माध्यम से बच्चों को बताया कि किसी भी समस्या का समाधान एक-दूसरे की सहायता करके निकाला जा सकता है। बच्चों की कई प्रस्तुतियाँ रहीं।
रेखा पितलिया ने बच्चों से योगा की प्रस्तुति करवाई। ज्ञानशाला कर्नाटक आंचलिक सह-संयोजक सुरेश नाहर ने अपने विचार व्यक्त किए। मुनि रश्मि कुमार जी ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चे ज्ञानशाला में आकर अपना विकास करते हैं। ज्ञानशाला में जो बच्चों को संस्कार मिलते हैं वह उनके अंतिम समय तक साथ रहते हैं। स्नातक उपाधि धारक प्रशिक्षिका बहनों का मोमेंटो द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में सभा एवं महिला मंडल के पदाधिकारीगण तथा श्रावक-श्राविका समाज उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रेखा पितलिया ने किया। आभार ज्ञापन उषा चंडालिया ने किया।