तुलसी की अमर गाथा नाटिका का मंचन

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तुलसी की अमर गाथा नाटिका का मंचन

गंगाशहर।
आचार्यश्री तुलसी की महाप्रयाण भूमि, गंगाशहर में उनके जीवन को जीवंत व्याख्यायित करने वाली नाटिका का तेरापंथ भवन में मंचन हुआ। तेरापंथ सभा, गंगाशहर के मंत्री रतनलाल छलाणी ने बताया कि मुनि शांति कुमार जी के सान्निध्य में इस कार्यक्रम में छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ श्रावक-श्राविकाओं ने अपने प्रदर्शन द्वारा किरदारों को मंच पर मानों जीवंत कर दिया। तेयुप मंत्री भरत गोलछा ने बताया कि आचार्यश्री तुलसी के 109वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में तेरापंथी सभा, तेयुप, तेममं के संयुक्त तत्त्वावधान में इस नाटिका का मंचन हुआ। इस नाट्य की पटकथा का लेखन पीयूष नाहटा द्वारा किया गया।
मुनि जितेंद्र कुमार जी ने कहा कि आचार्यश्री तुलसी का जीवन एक महानता की अमर गाथा है। इतिहास को पढ़ना, सुनना और इससे भी अधिक होता है देखना। कार्यक्रम की शुरुआत महिला मंडल ने मंगलाचरण के साथ की। तेयुप अध्यक्ष अरुण कुमार नाहटा ने स्वागत वक्तव्य दिया एवं सभा अध्यक्ष अमरचंद सोनी ने आभार प्रकट किया। मंच संचालन सभा मंत्री रतनलाल छलाणी ने किया। नाटिका में तेरापंथी सभा, तेयुप, महिला मंडल, किशोर मंडल व कन्या मंडल, गंगाशहर के सदस्यों द्वारा किरदार को मंच पर प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम संयोजना में तेरापंथ सभा, तेयुप, महिला मंडल, तेरापंथ कन्या मंडल, किशोर मंडल के सभी साथियों का सहयोग रहा।