विनम्र श्रद्धांजलि

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समणी कमलप्रज्ञा

विनम्र श्रद्धांजलि

स्थितप्रज्ञा विलक्षण दीक्षा की एक दिव्य
नजीर बनकर आई,
समण श्रेणी में गरिमामय उपस्थिति की
अनुपम तस्वीर कहलाई,
अग्रिम पंक्ति के आदर्शमय शीर्ष स्थान पर
स्थित होकर,
ध्यान, योग, स्वाध्याय-लयता की
सुंदरतम तस्वीर बन वाई---।।

संघ-निष्ठा, गुरु-निष्ठा, आचार-निष्ठा, आगम-निष्ठा, स्वाध्याय-निष्ठा, श्रम-निष्ठा, नीति-निष्ठा, नियम-निष्ठा-इन निष्ठा अष्टकम् की अद्भुत प्रेरक, अप्रतिम आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि तथा शुभकामना कि उनकी आत्मा का निरंतर ऊर्ध्वारोहण होता रहे तथा शीघ्रातिशीघ्र मोक्ष को प्राप्त करें।