उत्कर्ष कैरियर काउंसिल कार्यशाला का आयोजन

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उत्कर्ष कैरियर काउंसिल कार्यशाला का आयोजन

भागलपुर
साध्वी स्वर्णरेखा जी के सान्निध्य में 159वाँ मर्यादा महोत्सव त्रिदिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। साध्वीश्री जी ने बिहार-नेपाल के श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति आलोक, तैजस एवं अध्यात्म की संस्कृति है। जहाँ अनुशासन में रहने वाला विकास को प्राप्त हो जाता है। कलुषता से कलयुग का, स्वाधीनता से सतयुग का, नव्यता से नवीनता का निर्माण होता है। तेरापंथ के आद्यप्रवर्तक आचार्य भिक्षु ने मर्यादा का निर्माण करके तेरापंथ धर्मसंघ के लिए सतयुग की बहार ला दी। मर्यादा पुरुषोत्तम आचार्य भिक्षु द्वारा निर्मित मर्यादाओं को महोत्सव का रूप देने वाले थेµचतुर्थ आचार्य जीतमल जी, जिन्होंने नूतन आयाम देकर संघ को शिखरों चढ़ाया। आचार्य भिक्षु एवं जयाचार्य में गति-मति-स्थिति में अनेक समानताएँ देखने को मिलती हैं। ये समानताएँ समता के शिखर पुरुष महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमण जी में स्पष्ट परिलक्षित हैं।
इस अवसर पर साध्वी सुधांशुप्रभा जी ने अपने विचार रखे। स्थानीय महिला मंडल, तेयुप, ज्ञानशाला के बच्चों ने पृथक्-पृथक् रूप से मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। नेपाल-बिहार सभा के अध्यक्ष भैंरूलाल भूरा, मंत्री वीरेंद्र संचेती, महासभा के बिहार प्रभारी अनोप बोथरा, स्थानीय सभाध्यक्ष उज्जैन मालू, गुलाबबाग सभाध्यक्ष सुशील संचेती, भट्टा बाजार मंत्री नवरत्न दुगड़, फारबिसगंज सभामंत्री बंटी राखेचा, कटिहार सभाध्यक्ष बुधमल संचेती, अनमोल बैद, आशीष बैद, अमरचंद बैद, रवि बैद, अनुभवी मंडल आदि ने अपने विचार वक्तव्य एवं गीत के माध्यम से रखे। कार्यक्रम का प्रारंभ स्मृति मालू एवं भावना बैद के मंगल संगान से हुआ तथा संचालन स्थानीय सभा मंत्री पवन सेठिया ने किया। इस कार्यक्रम में कटिहार, गुलाबबाग, खुशकीबाग, छातापुर, भट्टा-बाजार, फरबिसगंज, मुरलीगंज, देवधर, अररिया, धमदाह आदि क्षेत्र संभागी बने।