तेममं की स्वर्ण जयंती वर्ष का कार्यक्रम

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तेममं की स्वर्ण जयंती वर्ष का कार्यक्रम

भिक्षु निलयम, राजनगर।
भिक्षु निलयम में साध्वी डाॅ0 परमयशा जी के सान्निध्य में तेममं की स्वर्ण जयंती वर्ष-2022-23 के कार्यक्रम का समायोजन हुआ। डाॅ0 साध्वी परमयशा जी ने कहा कि नारी विश्व की एक शक्ति है, महाशक्ति है। नारी की तरक्की सारे संसार की तरक्की है। महिलाओं का अतीत गौरवशाली रहा है उनका वर्तमान खूबसूरत है। नारी का भविष्य देश, समाज, संघ, राष्ट्र का सुखद भविष्य बने। आपने आगे कहा कि एक दिन ऐसा आए जब मोक्ष नगर का नोबल अवार्ड हमारे पास हो, उसके लिए अनुचिंतन करें कि मुझे हलुकर्मी बनना है, मुझे राग-द्वेष की ग्रंथियों से मुक्त होना है, मुझे आत्मा के आसपास रहना है।
कार्यक्रम की शुरुआत साध्वीश्री जी के नमस्कार महामंत्र से हुई, उसके पश्चात् 51 महिला मंडल की बहनों ने ‘महाश्रमण अष्टकम्’ से मंगलाचरण किया। तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा डाॅ0 सीमा कावड़िया ने राष्ट्रीय अध्यक्षा नीलम सेठिया एवं उनकी टीम और उपस्थित जनमेदिनी का स्वागत किया। कार्यक्रम में कन्या मंडल ने एक अच्छी प्रस्तुति प्रस्तुत की। साध्वीवृंद ने गीत का संगान किया। कार्यक्रम में तेरापंथ महिला मंडल ने अतीत और वर्तमान की यादों को समेटते हुए बहुत ही रोचक प्रस्तुति प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्पना बैद, महाराष्ट्र प्रभारी निर्मला चंडालिया, कन्या मंडल प्रभारी अर्चना भंडारी, तेरापंथ सभा अध्यक्ष ख्यालीलाल चपलोत, विकास परिषद के सदस्य पद्मचंद पटावरी, अणुव्रत गौरव महेंद्र कर्णावट ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीलम सेठिया ने कहा कि गुरुदेव तुलसी का विजन रहा कि हर नारी का उत्थान हो। 50 सीढ़ियों की हर ईंट पर, हर पत्थर पर शासनमाता का नाम है। राजनगर का हमेशा एक विशिष्ट इतिहास रहा है और अपने रमणीय अनुभवों की अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का संचालन सीमा चपलोत और मंत्री डिंपल कर्णावट ने किया।