क्रोध पर संयम होना उच्चता का लक्षण

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क्रोध पर संयम होना उच्चता का लक्षण

नोखा।
व्यक्ति शांत जीवन जीना सीखे। दूसरे की समस्या से दूसरे के सुःख से स्वयं दुखी न हो। अप्रिय बात हो जाए तो सहन करे। गुस्सा न करे। क्रोध पर नियंत्रण, संयम हो तो व्यक्ति अनेक बाधाओं से बच सकता है। उच्चता का लक्षण है। स्वयं पर कंट्रोल करें। सुखी जीवन तभी हो सकता है काम, क्रोध, लोभ, ईष्र्या, माया, छल-कपट से दूर रहे। यह उद्गार शासन गौरव साध्वी राजीमती जी ने तेरापंथ भवन, नोखा में व्यक्त किए। साध्वी पुलकितयशा जी ने मनुष्य को आलोचना, गाली व कदाग्र से बचने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि घृणा से बचें, मैत्री का विकास करें, तभी मानव जीवन की सार्थकता है। कार्यकर्ता इंदरचंद बैद ने शासनमाता साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभा जी की स्मृति पुस्तक अद्वितीय कृति है साध्वीश्री को भेंट की।