ज्ञानशाला वार्षिकोत्सव

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ज्ञानशाला वार्षिकोत्सव

फरीदाबाद।
साध्वी अणिमाश्री जी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन में तेरापंथी सभा के तत्त्वावधान में ज्ञानशाला का वार्षिकोत्सव एवं नए सत्र की ज्ञानशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के संचालन में ज्ञानशाला व्यवस्थापकों एवं प्रशिक्षिकाओं का श्रम रहा। साध्वी अणिमाश्री जी ने कहा कि भविष्य दृष्टा आचार्यश्री तुलसी ने तेरापंथ समाज के सुंदर भविष्य के निर्माण के लिए ज्ञानशाला का महत्त्वपूर्ण उपक्रम प्रदान किया। ज्ञानशाला एक ऐसा उपक्रम है जहाँ संस्कारों के सुमन खिलते हैं। संस्कारों की तालीम सिर्फ ज्ञानशाला में ही प्राप्त हो सकती है, इसलिए बच्चों को ज्ञानशाला जरूर भेजें। साध्वी मैत्रीप्रभा जी ने कहा कि बच्चे परिवार की रौनक, समाज का भविष्य होते हैं, देश के भावी कर्णधार यह बाल पीढ़ी ही हैं, इनको संस्कारित करना पूरी सदी को संस्कारित करना है। डॉ0 साध्वी सुधाप्रभा जी ने आगामी कार्यक्रमों की सूचना संप्रेषित की। साध्वी समत्वयशा जी ने तीर्थंकर स्तुति का संगान किया।
सभाध्यक्ष गुलाबचंद बैद ने कहा कि संस्कारविहीन विकास विनाश का कारण बन सकता है। ज्ञानशाला के पूर्व संयोजक बहादुरसिंह दुगड़, मुख्य प्रशिक्षिका मंजु लुनिया ने विचार व्यक्त किए। आभार ज्ञापन सभा मंत्री संजीव जैन ने किया व कार्यक्रम का संचालन ज्ञानशाला संयोजक राजेश जैन ने किया। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों दीहर जैन, पंखुड़ी जैन, भूमि जैन, यशस्वी जैन, तृशा बैद, ऋषभ बैद, कनिष्का जैन, मृगांक जैन, प्रियल रामपुरिया, हर्ष बांठिया, नंदनी जैन, हिमानी बेगवानी, दिव्यांक सिंघी इत्यादि ने प्रस्तुतियाँ देकर सबका मन मोह लिया।