कम समय में नमि मुनि ने तप का इतिहास बना दिया

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कम समय में नमि मुनि ने तप का इतिहास बना दिया

शास्त्रीनगर।
उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार जी के सान्निध्य में मुनि नमि कुमार जी ने 25 दिन की तपस्या का प्रत्याख्यान किया। मुनि कमल कुमार जी ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि मुनि नमि कुमार जी को दीक्षित हुए अभी 7 वर्ष पूूर्ण नहीं हुए परंतु इन्होंने जो तपस्या का कीर्तिमान बनाया है यह प्रशंसनीय है। इसी शास्त्रीनगर में दो महीने पूर्व 27 की तपस्या का पारणा किया था। पुनः तेरापंथ भवन के लोकार्पण के अवसर पर यहाँ आना हो गया और आज इनके 25 दिन का तप हो गया। इन्होंने पंद्रह तक की लड़ी संपन्न कर ली है। 27, 28, 29, 30, 31, 32, 33, 34, 35, 36, 38, 62 तक की तपस्या करके एक साहस का परिचय दिया है। तपस्या का लक्ष्य केवल कर्म निर्जरा हो जिससे मति और गति अपने आप श्रेष्ठ हो।
मुनि नमि कुमार जी ने अपने वक्तव्य में पूज्यप्रवर के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मेरे प्रबल पुण्याई का उदय हुआ है कि इस अवस्था में दीक्षा और ऐसे अग्रगण्य मिले जिससे ही मैं कुछ तपस्या कर रहा हूँ। इस अवसर पर मुनि कमल कुमार जी स्वामी ने स्वरचित गीत का संगान कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। मुनि अमन कुमार जी ने भी नमि मुनि के तप की अनुमोदना की। उपस्थित भाई-बहनों ने दो-दो सामायिक एकाशन आयंबिल उपवास बेला करके तपस्वी मुनि का वर्धापन किया। मुनिश्री का दोनों बार प्रवास किरण कुंज आसकरण आंचलिया के निवास स्थान पर हुआ।