ज्ञानशाला प्रकोष्ठ द्वारा शिशु संस्कार बोध भाग-3 नवीन संस्करण का लोकार्पण

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ज्ञानशाला प्रकोष्ठ द्वारा शिशु संस्कार बोध भाग-3 नवीन संस्करण का लोकार्पण

सूरत।
परमपूज्य युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी के सान्निध्य में महासभा-ज्ञानशाला प्रकोष्ठ के अंतर्गत ज्ञानशाला के शिशु संस्कार बोध भाग-3 की नई पुस्तक का लोकार्पण संस्था शिरोमणी-महासभा अध्यक्ष मनसुखलाल सेठिया के करकमलों द्वारा किया गया। पूज्यप्रवर ने नई पुस्तक का अवलोकन किया। मुख्य मुनि महावीर कुमार जी ने भी इस नई पुस्तक का अवलोकन किया। श्रद्धेय आचार्यप्रवर ने ज्ञानशाला के संदर्भ में फरमाया कि ज्ञानशाला संस्कार निर्माण का अच्छा उपक्रम है। सभी प्रशिक्षिकाएँ व व्यवस्ािापक इस ओर अधिक ध्यान दें कि जिससे कैसे बच्चों में ज्ञान का विकास हो, कैसे आध्यात्मिकता पुष्ट हो।
मुनि उदित कुमार जी खूब अच्छा काम कर रहे हैं एवं अपनी सूझ-बूझ व नई योजनाओं से ज्ञानशालाओं के संवर्धन में अच्छा मार्गदर्शन दे रहे हैं। ज्ञानशाला राष्ट्रीय संयोजक सोहनराज चोपड़ा ने कहा कि शिशु संस्कार बोध भाग- व 2 का चित्रमय प्रकाशन पहले हो चुका है। पूज्यप्रवर के सान्निध्य में भाग 3 का लोकार्पण हो रहा है। ये सभी पुस्तकें हिंदी व अंग्रेजी भाषा में चित्रमय प्रकाशित होने से आकर्षक बनी हैं, जो बच्चों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
पाठ्यक्रम संयोजना में ज्ञानशाला के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि उदित कुमार जी का विशेष श्रम व समय-समय पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस पुस्तक के निर्माण में ज्ञानशाला प्रकोष्ठ पाठ्यक्रम समिति के सदस्यों का अथक श्रम लगा है। इस अवसर पर ज्ञानशाला प्रकोष्ठ से सुरेंद्र लुणिया, जितेंद्र छाजेड़ व ज्ञानशाला पाठ्यक्रम समिति सदस्य एवं इस पुस्तक के निर्माण में लगे प्रशिक्षक चांद छाजेड़, प्रियंका बोथरा व प्रेक्षा गोठी भी उपस्थित रहे।