जीवनशैली कार्यशाला का आयोजन

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जीवनशैली कार्यशाला का आयोजन

अमराईवाड़ी।
मुनि डॉ0 मदन कुमार जी के सान्निध्य में तेयुप अमराईवाडी ओढव के द्वारा ‘जीवन शैली कार्यशाला अब जवानी कैसे जिएँ’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरुआत में तेयुप के अध्यक्ष ने सबका स्वागत किया। वरिष्ठ उपासक डालमचंद नौलखा ने अपने विचार प्रस्तुत किए और कहा कि मनुष्य के जीवन के तीन पड़ाव होते हैं-एक बचपन, जवानी और वृद्धावस्था। उसमें से जवानी सबसे महत्त्वपूर्ण पड़ाव है, जिसमें फिसलन भी होती है और जीवन का आर्थिक विकास भी करना होता है। दोनों का बैलेंस जरूरी है जो अध्यात्म के द्वारा पूरा किया जा सकता है, क्योंकि मनुष्य गृहस्थ है उसके पश्चात डॉ0 मुनि मदनकुमार जी ने विस्तार से कार्यशाला के बारे में जानकारी दी। मुनिश्री ने कहा कि यदि युवा को अपना जीवन सफल बनाना है तो अध्यात्म का रास्ता सबसे सीधा है। क्योंकि युवा अवस्था में मनुष्य में जोश भी होता है और चंचलता भी होती है, इंसान गलत रास्ते पर भी चला जाता है, यदि इंसान अध्यात्म ध्यान का रास्ता अपनाता है तो वो हमेशा सफल होता है।